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दिव्यांगता सलाहकार बोर्ड की बैठक नहीं हुई एक भी बार।

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The Disability Advisory Board meeting was not held even once.
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धनबाद। झारखंड राज्य दिव्यांगता सलाहकार बोर्ड का गठन 6 जून 2025 को हुआ।लेकिन,अभी तक बोर्ड की बैठक एक भी बार नहीं हुई हैं।जबकि,बैठक वर्ष में कम से कम दो बार (छह महीने में एक बार) अनिवार्य रूप से आयोजित होने के नियम हैं।ज्ञात हो कि बोर्ड के गठन 9 माह बीत चूके हैं और अभी तक एक भी बैठक नहीं हुई है।ऐसे में दिव्यांगजनों के विकास, पुनर्वास, संरक्षण तथा मुख्यधारा पर लाने की चर्चा नहीं हो रही है।राज्य दिव्यांगता सलाहकार बोर्ड के सदस्य धनबाद निवासी दिव्यांग मो. हारून रशीद ने इस विषय पर राज्य निःशक्तता आयुक्त से भी बातचीत की और पत्र भी लिखा।लेकिन,बैठक को लेकर कोई पहल नहीं हुई हैं।हारून रशीद ने कहा कि इस प्रकार दिव्यांगजनों के विकास,पुनर्वास,संरक्षण एवं दिव्यांगों को मुख्यधारा में लाने का कार्य कैसे संभव होगा?

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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