Home उत्तर प्रदेश इंद्रा मार्केट में आटा चक्की पर करंट लगने से श्रमिक की मौत, परिवार में मचा कोहराम
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इंद्रा मार्केट में आटा चक्की पर करंट लगने से श्रमिक की मौत, परिवार में मचा कोहराम

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जौनपुर (यूपी) । शहर कोतवाली थाना क्षेत्र के इंदिरा मार्केट में रविवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया जब एक आटा चक्की पर काम कर रहे श्रमिक की करंट लगने से मौत हो गई। मृतक की पहचान मोहल्ला दिलाजाक पठान टोलिया निवासी दीपक कुमार सेठ (पुत्र स्वर्गीय मंगरु सेठ) के रूप में हुई है।
दीपक इंदिरा मार्केट स्थित पंडित जी की आटा चक्की पर कार्यरत थे। घटना के समय वे चक्की का स्विच बंद कर रहे थे, तभी अचानक उन्हें तेज करंट लगा। चश्मदीदों के अनुसार, हादसा दोपहर लगभग एक बजे हुआ। करंट लगते ही दीपक अचेत होकर गिर पड़े।
घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद लोगों ने दीपक को जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही शहर कोतवाली पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक दीपक कुमार सेठ के परिवार में उनकी पत्नी और तीन छोटे बच्चे हैं। उनकी सबसे बड़ी बेटी प्रियांशी (10 वर्ष) और दो छोटे बेटे दिव्यांशु व हिमांशु हैं। दीपक की असामयिक मौत से पूरा परिवार बेसहारा हो गया है और मोहल्ले में शोक की लहर है।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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