कोलकाता : केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह सोमवार को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के स्मरणोत्सव में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वीडियो संदेश प्रसारित किया गया। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी और केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
गृह मंत्री अमित शाह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कश्मीर को भारत से जोड़ने के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने नेहरू-लियाकत समझौते के कारण देश के पहले मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया था। उनका जोर इस बात पर था कि भारत की नीतियों में भारत की मिट्टी की सुगंध हो। अमित शाह ने कहा कि डॉ. मुखर्जी के निधन के 63 वर्ष बाद आज उनकी 125वीं जयंती के अवसर पर कोलकाता में उनकी 125 फुट ऊंची भव्य प्रतिमा का शिलान्यास हुआ है। उन्होंने कहा कि जब बंगाल में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पार्टी और उनकी विचारधारा की सरकार आई, तो उनके राज्य में उनकी स्मृति का सम्मान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा मात्र का भूमि-पूजन नहीं, बल्कि ‘सोनार बांग्ला’ के संकल्प की सिद्धि का भूमि-पूजन है। उन्होंने कहा कि जहाँ डॉ. मुखर्जी की भव्य प्रतिमा बनेगी, वहीं भारत की सुरक्षा पर शोध करने वाला ‘श्यामा प्रसाद मुखर्जी इंस्टीट्यूट’ भी बनेगा।
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कवि गुरू रवींद्रनाथ टैगोर, रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, महर्षि अरविंद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, राजा राममोहन राय ने जिस बंगाल के पुनर्निर्माण का स्वप्न देखा था, उस स्वप्न को साकार करने की शुरुआत आज श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के दिन हो रही है। अमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर उन्हें सम्मान दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पश्चिम बंगाल सरकार श्यामा प्रसाद जी के भारतीय भाषाओं संबंधी विचारों को जल्द पूरा करेगी।
अमित शाह ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी का पूरा जीवन बहुआयामी था। उन्होंने अपने जीवनकाल में अपने विचारों को पूरा करने का पूरा प्रयास किया। उन्होंने भारतीय जनसंघ के रूप में एक ऐसा बीज बोया, जिसने भारत की समस्त राष्ट्रवादी शक्तियों को एकत्र किया और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की नींव रखी। आज वह बोया हुआ बीज एक विशाल वटवृक्ष बनकर पूरे भारत में फल-फूल रहा है।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा स्थापित संगठन देश के दो-तिहाई हिस्से और दो-तिहाई से अधिक जनसंख्या पर अपनी नीतियों के अनुसार शासन कर रहा है। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना के समय संकल्प लिया था कि सरकार बदलने से भारत की महिमा नहीं बदलेगी। आजाद भारत की नीतियां भारत की भूमि की मिट्टी की सुगंध से बनी होनी चाहिए। उन पर पश्चिम की परछाई नहीं होनी चाहिए। अमित शाह ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी की आत्मा आज जहां भी होगी, वह नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत को अपने विचारों के अनुरूप बढ़ता देखकर निश्चित रूप से बहुत आशीर्वाद दे रही होगी। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने विकास और विरासत दोनों को साथ रखते हुए, अपनी संस्कृति को संरक्षित रखते हुए आधुनिक भारत के निर्माण का मार्ग दिखाया। मोदी जी ने इस सूत्र को आत्मसात कर भारत के विकास की नींव को मजबूत किया है, ताकि वर्ष 2047 तक हम पूर्ण विकसित भारत का निर्माण कर सकें और हमारी संस्कृति का ध्वज पूरी दुनिया में सबसे ऊंचा लहराए।
अमित शाह ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अपने जीवन का बलिदान दिया था। ‘दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेंगे’ का नारा देते हुए कश्मीर की जेल में उनकी संदेहास्पद मृत्यु हुई, लेकिन तत्कालीन सरकार ने उनकी मृत्यु की जांच नहीं कराई। उन्होंने कहा कि मोदी जी ने डॉ. मुखर्जी जी का संकल्प पूरा किया और कश्मीर से अनुच्छेद 370 को जड़ से उखाड़ फेंका। आज कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बन चुका है।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने नेहरू-लियाकत समझौते का अध्ययन कर कहा था कि इसमें पाकिस्तान और पूर्वी पाकिस्तान (वर्तमान बांग्लादेश) में रह गए हिंदुओं की कोई चिंता नहीं की गई है, जबकि भारत में रह गए मुसलमानों की चिंता की गई। उनका मानना था कि यह समझौता बिल्कुल एकतरफा है, और इसी वजह से उन्होंने केन्द्रीय मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। अमित शाह ने कहा कि आज डॉ. मुखर्जी की ही पार्टी की सरकार ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) लाकर सभी हिंदुओं को नागरिकता देने का काम किया है। गृह मंत्री ने कहा कि अनुच्छेद 370 समाप्त हो चुका है और शरणार्थी हिंदुओं को नागरिकता देने का काम भी पूरा हो चुका है और हम भारत की भूमि से एक-एक घुसपैठिए को चुन-चुनकर निकालकर भारत को पूर्ण रूप से सुरक्षित बनाएंगे।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ की रचना के 150 वर्ष और श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जन्म के 125वें वर्ष का एक ही साल में आना विधाता का बहुत बड़ा संकेत है। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ को पूर्ण रूप से गाने की शुरुआत हो चुकी है। नई पीढ़ी अब गर्व के साथ भारत माता के सभी स्वरूपों की वंदना करेगी।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि चाहे सांस्कृतिक राष्ट्रवाद हो, अखंड भारत का संकल्प हो, या विकास और विरासत दोनों का संकल्प हो, इन सभी राष्ट्रवादी सोच की एक ही गंगोत्री है, और वह है श्यामा प्रसाद मुखर्जी की विचारधारा। डॉ. मुखर्जी ने अपने विचारों को हमेशा बेबाक तरीके से रखा। डॉ. मुखर्जी के विचारों में इतनी शक्ति थी कि आज उनकी यह विचारधारा पूरे देश के सामने देदीप्यमान होकर कोटि-कोटि सूर्यों की भांति पूरे विश्व में अपना प्रकाश बिखेर रही है।
अमित शाह ने कहा कि बंगाल की जनता ने श्यामा प्रसाद के 125वें जयंती वर्ष में यहां परिवर्तन कर दिखाया है। हमारी पार्टी की सरकार बनने के कुछ ही समय में कई वादों को पूरा कर दिया गया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में अन्नपूर्णा योजना लागू की गई है। उज्ज्वला 3.0 लागू हो गई है। महिलाओं और छात्राओं के लिए बस में मुफ्त यात्रा जमीन पर उतर चुकी है।लखपति दीदी मिशन शुरू हो गया है। आयुष्मान भारत के तहत 5 लाख रुपये तक का गरीबों का मुफ्त इलाज भी आज जमीन पर उतर गया है। उत्तर बंगाल में कैंसर अस्पताल का निर्माण शुरू हो गया है। बीएसएफ को बाड़ बनाने के लिए भूमि देने का कार्य पूरा हो गया है। भ्रष्टाचार की जांच के लिए जस्टिस बृजेंद्र नाथ समिति भी गठित कर दी गई है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने बंगाल में भ्रष्टाचार किया था, समिति की रिपोर्ट आते ही वे पाई-पाई निकालने के लिए तैयार रहें, बंगाल की गरीब जनता इंतजार कर रही है। महिलाओं पर अत्याचार के मामलों की जांच के लिए भी समिति गठित कर दी गई है। भ्रष्टाचार के मामलों में लंबे समय से मुकदमे चलाने की अनुमति नहीं दी जा रही थी, पर अब बंगाल सरकार ने सभी मामलों में मंजूरी दे दी है। Uniform Civil Code के लिए भी समिति बन चुकी है और उसे हम लागू करेंगे। वेस्ट बंगाल मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर (अमेंडमेंट) बिल 2026 पारित हो चुका है। हमने वादा किया था कि गुंडों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह बिल उस दिशा में पहला कदम है।
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि राज्य से घुसपैठियों को चिन्हित करने और उन्हें बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। माताओं और बहनों की सुरक्षा के लिए ‘दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड’ तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी को उनके ही राज्य में एक भव्य स्मारक बनाकर आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देने का कार्य किया है। जब राष्ट्रवादी सोच वाली सरकार आती है, जब संगठन के विचारों पर आगे बढ़ने वाली सरकार आती है, जब निजी स्वार्थ और परिवारवाद से ऊपर उठी हुई सरकार आती है। शुभेंदु अधिकारी ने बड़ी तेजी के साथ हमारे घोषणा-पत्र को बंगाल की जनता के कल्याण के लिए जमीन पर उतारने की शुरुआत कर दी है। यह बंगालवासियों के साथ-साथ पूरे देश के लिए बहुत बड़ी आशा की किरण है। आज पूरा देश बड़ी आशा के साथ बंगाल की ओर देख रहा है। बंगाल ने कई वर्षों तक धार्मिक, वैचारिक, साहित्यिक और राष्ट्रवादी क्षेत्र में पूरे देश का नेतृत्व किया था। लंबे समय तक विपक्षी पार्टी के शासन में बंगाल की उस सोच को दबा दिया गया था। मगर पौधा और बीज अगर ताकतवर होता है तो मौका मिलते ही वह फिर से वटवृक्ष बन जाता है। मुख्यंमत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में ‘सोनार बांग्ला’ की रचना न केवल शुरू हो गई है, बल्कि हम इसे जमीनी हकीकत में बदलने में भी सफल होंगे।
अमित शाह ने कहा जिस व्यक्ति ने बंगाल को बचाया, जिस व्यक्ति ने कश्मीर को बचाया और जिस व्यक्ति ने असम को बचाया, आज तक उनका स्मारक बनाने का विचार किसी के मन में नहीं आया। उन्होंने कहा कि शुभेंदु अधिकारी की सरकार हमारे एक-एक वादे को पांच वर्ष के अंदर पूरा करेगी और ‘सोनार बांग्ला’ बनाने की नींव रखने का काम करेगी।
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